Sunday, April 26, 2020

मेरा कहा मान


मेरा कहा मान मुझे याद न कर
हर पहर मेरी फ़रियाद न कर
काम बहुत हैं दुनिया में इश्क़ के सिवा
आशिकी में शामें यूं बर्बाद न कर
बड़ी मिन्नत से मिलता है रूह को सुकूँ
इन फ़िज़ूल की बातों पर फ़साद न कर
अरसे बाद भरे हैं जो ज़ख्म पुराने
और नये ग़म अब ईज़ाद न कर
फाँसले बहुत हैं ख़्वाब औ' हक़ीक़त में
कामिल न हो ऐसी मुराद न कर

Thursday, April 9, 2020

ये वक्त भी गुजर जायेगा


हर सावन के बाद है पतझड़,
हर शीत के बाद बहार,
ये वक्त भी गुजर जायेगा।

After every monnsoon, there is an autumn
After every winter, a spring
This time too shall pass!