Wednesday, December 9, 2015

वक़्त के पन्ने


वक़्त के कुछ पन्ने जो पलटे,
चेहरे कई नज़र आये
कितने उनमें ऐसे थे,
जो अब यादों में भी जगह खोने लगे हैं
कितने चेहरे उनमें दोस्त थे,
कभी वो दोस्त थे,
और कभी पहचान रह गये
वो भी न बची,
तो बस एक नाम रह गये।
कभी आती है याद,
तो ख़याल आता है
कैसे होंगे, वो कहाँ होंगे,
जहाँ होंगे, शायद वो भी कभी वक़्त के पन्ने पलटते होंगे।

Sunday, August 30, 2015

कब तक


कब तक खयालों से, कल्पनाओं से, दिल बहलाऊँ,
जो हकीकत का स्वरूप है, उसे कहाँ से लाऊँ।
बातें तो बहुत हैं, दुनिया की, चाँद-तारों की,
मेरे हाथों की लकीरें, पर तुम्हे कैसे दिखाऊँ।
हाथ छूते ही, बुलबुला है, धुएँ सा फट जाता है,
धुंध में सिर्फ तुम दिखो, तो तुम्हे कैसे छिपाऊँ।
साथ तो हर वक़्त हो, यादों में, तस्वीरों में,
चाहूँ भी तो लेकिन, बस गले कैसे लगाऊँ।
आस है, कि पास हो बस, तकती रहूँ रात-दिन,
जो नहीं समझते तुम, वो तुम्हे कैसे बताऊँ।

Wednesday, May 6, 2015

Take a moment!


Take a moment - to pause, to relax, to give time to yourself.
Take a moment - just to breathe.
Take a moment - and listen to a calm and soothing song.
Take a moment - and actually enjoy your breakfast.
Take a moment - and pamper yourself.
Take a moment - to take care of yourself.
Take a moment - when everything's done and when everything's not done.
Take a moment - and not just rush to do the next thing in the list.
Take a moment - to just express gratitude... for everything.
Take a moment - because may be that's all you need.
Take a moment - because may be that's all you have got.

Carpe Diem!